Wednesday, 5 June 2019

Air Force AN-32 Transport Aircraft Missing For 2 day . Indian Navy, Army and Air Force start Operation For AN-32.

Air Force AN-32 Transport Aircraft Missing For 2 day . Indian Navy, Army and Air Force start Operation For AN-32.

भारतीय वायु सेना का एंटोनोव AN-32 विमान असम के जोरहाट से सोमवार ( 03-06-2019) दोपहर उड़ान के बाद लापता हो गया है। इस विमान में चालक दल के 13 सदस्य सवार थे। लेकिन उनके बारे में कोई भी खबर नहीं है। चालक दल सदस्यों में एक विंग कमांडर, 4 फ्लाइट लेफ्टिनेंट, 1 स्क्वाडर्न लीडर और 7 एयरमैन शामिल थे। इस विमान की खोज के लिए वायु सेना, स्थल सेना, Indian Navy और सरकारी तंत्र द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया गया है। वायु सेना प्रमुख के स्वीडन यात्रा पर होने की वजह से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में एयर मार्शल राकेश सिंह भदोरिया से बात की राजनाथ सिंह ने कहा कि वायुसेना के हेलिकॉप्टर विमान को खोजने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। विमान ने जोरहाट से दोपहर 12:25 बजे अरुणाचल प्रदेश के मंचुका एडवांस लैंडिंग ग्राउंड के लिए उड़ान भरी थी।

खासियत

                             AN-32 सैन्य साजो समान ले जाने वाला दो इंजन वाला परिवहन विमान है। भारतीय वायु सेना इसे 984 से इस्तेमाल कर रही है। -32 को भरोसेमंद विमान माना जाता है। करीब 10 साल पहले 9 जून 2009 को भी एक विमान इसी जगह (जोरहाट-अरुणाचल प्रदेश) से लापता हो गया था। खास बात यह है, कि उस समय भी विमान में 13  लोग सवार थे। बाद में उस विमान का मलबा वास्तविक नियंत्रण रेखा से 60 किलोमीटर दूर हियो गांव से ऊपर रिंची पहाड़ी पर मिला था।

Wednesday, 29 May 2019

चीन, पाकिस्तान को लगा झटका भारत और रसिया के बारे में यह जानकर !!!!


JAI HIND
चीन और पाकिस्तान अभी भारत आने वाले दुनिया के सबसे घातक फाइटर जेट राफेल के सदमे से बाहर निकले ही नहीं थे। कि रशिया ने एक और बड़ा ऐलान कर दिया है। जंहा पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय साझेदारी तेजी से बदल रही है वही रसिया अपने पुराने मित्र भारत को अमेरिका के खेमे में जाने से रोकने की भरपूर कोशिश कर रहा है। जहां अमेरिका ने अपने F21 फाइटर जेट को भारत में ही मेक इन इंडिया के तहत बनाने की  पेशकश की थी वही अब रसिया ने अपने सबसे आधुनिक फाइटर जेट सुखोई  SU-57 को बेचने का प्रस्ताव रखा है।लेकिन नरेंद्र मोदी जी ने दोनों देशों के बीच एक संतुलन बनाए रखने में सफलता पाई है। रसिया ने अब भारत के साथ दोस्ती को नए मुकाम पर ले जाने के लिए अपने फाइटर जेट MIG-25 को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ भारत के सामने रखा है।जिस पर भारतीय सरकार आखरी फैसला लेगी। Mig (मिकोयन)  कंपनी के सीईओ ने फाइनेंसियल एक्सप्रेस को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि वह ना सिर्फ Mig-35 को मेक इन इंडिया के तहत भारत में बनाएंगे बल्कि इसकी पूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी भारत को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वे इंडियन एयरफोर्स की जरूरतों को अच्छे से समझते है। क्योंकि वे इंडियन एयर फोर्स के लिए काफी लंबे समय से फाइटर जेट बनाते आए हैं।

Mig-35 फाइटर जेट में सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है तथा मल्टीफंक्शनल डिस्प्ले को इंस्टॉल किया गया है। नए और उन्नत हथियारों के साथ साथ इस फाइटर जेट की 190 किलोमीटर दूरी तक की मारक क्षमता को भी बढ़ाया गया है जिसका मतलब है कि भारतीय एयरफोर्स भारतीय एयरस्पेस में रहते हुए ही पाकिस्तान के अंदर 190 किलोमीटर दूरी तक हमला कर सकती है।
स्टेल्थ फीचर के लिए इस फाइटर जेट में आधुनिक रशियन कोटिंग का इस्तेमाल किया गया है जिसके कारण Mig-35 को किसी भी देश द्वारा रडार से ट्रैक कर पाना बहुत मुश्किल होगा। Mig-35 डील की खास बात यह भी है कि रसिया Mig-35 के लिए मेंटेनेंस व स्पोर्ट के लिए भारत में ही इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। जो इसके पूरे लाइफ साइकिल के मेंटेनेंस की जिम्मेवारी लेगा। मिकोयन के सीईओ ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि, वह रशियन इंजीनियर के साथ भारतीय एयर फोर्स या किसी और भारतीय कंपनी के लोगों को फाइटर जेट के बारे में ट्रेनिंग देंगे। जिसे भारत को भविष्य में काफी फायदा होगा।

Sunday, 19 May 2019

Dassault Rafel fighter jet make emergency landing in Indonesia .


Dassault Rafale Fighter Jets Make Emergency Landing in Indonesia.

Seven Dassault Rafale navy fighter jets taking part in a training exercise had to make emergency landings in northern Indonesia.
Poor weather conditions have forced seven French navy fighter jets taking part in a training exercise to make emergency landings in northern Indonesia, an Indonesian air force official said Sunday.
The crews of the seven Dassault Rafale combat planes landed safely at Sultan Iskandar Muda air force base in Aceh province on Saturday, 90 minutes after taking off from their aircraft carrier Charles de Gaulle in the Indian Ocean, said Aceh air force base commander Col. Hendro Arief.
"We had to open our base to them to land as they were in an emergency state due to bad weather," Arief said.
He said air force radar confirmed that the planes were initially flying out of Indonesian territory when fog and bad weather forced them to land immediately as they were trying to return to their aircraft carrier, located 100 nautical miles west of Sumatra's exclusive economic zone.
Arief said Indonesian air force personnel had completed an inspection of the planes.
Five of the seven jets were returned to their carrier on Sunday, while the other two were still having technical problems, Arief said. French diplomats in Indonesia were informed of the incident.

Friday, 17 May 2019

Now Indian air force strike Brahmos missile from Sukhoi 30-MKI

             
A deadly combination of BrahMos missiles penetrating behind the enemy lines at a speed of over 3,000 km/hr, launched from a platform of Sukhoi Su-30 MKI which flies at a speed of over 2,100 km/hr, would enable the Indian Air Force to carry out Balakot like anti-terror operations, while staying at least 150 km within Indian territory, as per an analysis in Business Today.

The IAF is steadfastly the fitting of BrahMos supersonic cruise missiles to its Sukhoi 30 MKI air superiority fighters. BrahMos missiles have an operational range between 300-400 km and are undergoing a range augmentation programme that seeks to increase the striking radius by 150 km.
Such an exponential enhancement in capacity would make it all the more possible for a BrahMos-A releasing from the IAF to strike the terror facility in Bahawalpur hardly a task of 60 seconds.

This leaves very little room for the Pakistani Air Force prevent the strike. With such a modification, IAF can also hit Pakistani targets even while flying on the waters of Arabian Sea and if required, BrahMos-A can also be nuclear tipped.

Combined development of the computer, positioning systems and propellant technology by the BrahMos corp would allow the cruise missiles to strike targets with pinpoint accuracy that enables to carry out cross-border anti-terror ops even in densely populated regions, avoiding any collateral damage.

IAF is planning to get two squadrons of Sukhoi Su-30MKIs to BrahMos-A by 2020-21. Such an addition should bring all of Pakistan’s command and control centres of its tri-services, nuclear arsenal and manufacturing units, terror hubs and strategic assets such as dams, airports, railway stations, airports; within the striking range of the IAF.


A leaner and meaner version of the BrahMos, in all likeliness, will be fitted to the MiG-29Ks of the Navy, Rafales, Mirage-2000s and Tejas as a standard air-to-surface missile. India's entry into the MTCR has made it possible to increase the range of BrahMos to 800 km


F-16 fighter jet crashes into warehouse of California.


                                                    An F-16 Fighter jet crashed in a warehouse on Thursday from the March Air Reserve Base in California, California.
Pilot was eliminated before the end of the runway. Spokesman Reggie Warner said that the pilot was taken to the hospital, but there was no major injury.
                                                                                   
Warner said that F-16 had a hydraulic failure due to which the accident occurred. Officials were investigating whether anybody got hurt on the ground or not.
The Fire Brigade Department responded to the crash with the Riverside Police and Riverside County Sheriff's Department.
Mike Johnson, CEO of the company located in the warehouse confirmed that all the employees in the warehouse are safe.
"Thank God that everyone is safe.

सीआरपीएफ और अन्य भारतीय सिक्योरिटी फोर्स में (Pubg Game)पब्जी गेम की एंट्री।


अभी हाल ही में पब्जी गेम को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी हुई है जिसमें बताया गया है कि पब्जी गेम से भारत की यंग जेनरेशन  तो  प्रभावित हो  ही रही है। लेकिन अब इसका असर भारत के सिक्योरिटी फोर्स में भी दिखने लगा है ।और इस रिपोर्ट के मुताबिक सीआरपीएफ के कमांडिंग ऑफिसर ने अपने सारे पर्सनल को पब्जी गेम ना खेलने के लिए चेतावनी दी है। क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक पब्जी गेम का एडिक्शन इतना ज्यादा हो गया है, कि जिसकी वजह से सीआरपीएफ के जवान अपनी हेल्थ पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं, और उनकी ऑपरेशनल कैपेबिलिटी पर भी बहुत बुरा असर दिखाई दिया है।
इस गेम को अत्यधिक खेलने से जवानों की  ड्यूटी भी प्रभावित हो रही है। और सिक्योरिटी फोर्स की तरफ से पब्जी गेम पर बैन को इंप्लीमेंट करने के लिए कहा गया है । कमांडर द्वारा दिए गए आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं इसको सुनिश्चित करने के लिए कंपनी कमांडर ने कहा है, कि वे अपने जवानों के स्मार्टफोन को रेंडमली इंस्पेक्ट करेंगे। इस गेम का असर केवल भारत में ही नहीं हो रहा है, बल्कि दुनिया भर के कई सारे देश है।  जहां पर इसका एडिक्शन काफी ज्यादा है । इराक और  नेपाल की सरकार ने तो इस गेम को बैन भी कर दिया है।
                                                                                

Thursday, 16 May 2019

Truth Behind The Sinking Of INS Arihant Submarine. INS Arihant Accident.


इस आरटिकल में हम बात करने वाले हैं एक ऐसे टॉपिक के बारे में जिसके तहत हमें हमारे सोशल मीडिया साइट्स पर बहुत सारे क्वेरीज देखने को मिली है और वह टॉपिक है भारत के पहली न्यूक्लियर पावर समरिंन आई एन एस अरिहंत को लेकर और जब मैंने  इस टॉपिक को लेकर रिसर्च करी तब मुझे मालूम पड़ा कि आप इसके बारे में क्यों जानना चाह रहे हैं ।
और अभी हाल ही में ऐसी बहुत सी अफवाहें उड़ी  है । जिसमें कहा जा रहा है, कि आई एन एस अरिहंत इंडियन नेवी से डीकमिशन  हो गई है। और इसमें जितना भी पैसा लगाया गया था, वह बर्बाद हो गया है । तो इस खबर के पीछे का सच क्या है, इसके बारे में आज के इस आर्टिकल में बात करेंगे ।तो सबसे पहले तो हम आप को सुनिश्चित कर दें कि भारतीय न्यूक्लियर पावर बैलेस्टिक मिसाइल समरीन आई एन एस अरिहंत बिल्कुल सही है ।
और यह इंडियन नेवी को अपनी सर्विस दे रही है । तो फिर सवाल ये उठता है, कि आई एन एस अरिहंत के इंडियन नेवी के सर्विस से बाहर होने वाली बात आई कहां से तो यह बात शुरु हुई नेशनल इंटरेस्ट नाम की वेबसाइट  के एक आर्टिकल से जिसे 5 मई 2019 को पेश किया गया था इस आर्टिकल का टाइटल था( how to sink a $ 3 billion submarine: forgating to close a hatch).
  जिसमें बताया गया था कि एक्सीडेंट कैसे हुआ था । इसमें कहा गया था की जब - अरिहंत अपने हाल पर जाने कितने बंदरगाह में थी तब इसके पीछे के साइड का हॅच गलती से खुला रह गया था । जिस वजह से पानी समरीन के प्रोपल्सन कंपार्टमेंट में चला गया था ।
और 2018 में द हिंदू ने रिपोर्ट जारी करके कहा था, कि एक्सीडेंट हुए 10 महीने हो गए हैं । लेकिन यह समरीन अभी भी पानी में नहीं  उतरी है । क्योंकि इसका काम जारी था।
पानी घुस जाने से इसके कई सारे पाइप भी डैमेज हो चुके थे जिन्हें कट करके रिप्लेस किया जा रहा था । लेकिन इसके कुछ समय बाद आईएनएस अरिहंत की रिपेयर का काम पूरा कर लिया गया , और उसके बाद तो नवंबर 2018 में आई एन एस अरिहंत ने अपने पहले देट्रांस पेट्रोल को भी पूरा किया लिया  था।
  हालांकि आई एन एस अरिहंत के  जो एक्सीडेंट के कारण बताए गए थे , यानी जिसमें कहा गया था कि इसके हैच खुला  रह गया था जिस वजह से समरीनडैमेज हुई। ओर इस रिपोर्ट को इकनॉमिक टाइम्स ने खारिज करते हुए कहा था कि , यह फेक न्यूज़ है।  क्योंकि इकनॉमिक टाइम्स ने दावा किया था, कि आईएनएस अहरींत रूस के डबल हल  डिजाइन पर आधारित है । और इसमें कोई भी हैच नहीं होता है ।
 इसमें जो nuclear reactor section है वह पूरी तरीके से सील किया जाता है यानी कि पानी जाने का कोई भी मतलब ही नहीं बनता। फिर भी इसके एक्सीडेंट के जो भी कारण रहे हो लेकिन सच यह है कि इसमें जो डैमेज हुआ था । वह पूरा का पूरा सही हो चुका है।
अब आई एन एस अरिहंत इंडियन नेवी  की सर्विस में मौजूद है ।और रही बात नेशनल इंटरेस्ट ने अपने आर्टिकल में लिखकर ऐसी गलत इंफॉर्मेशन क्यों दी तो इस वेबसाइट ने आर्टिकल के जरिए यह बताया था1
 कि इंडियन नेवी के आई एन एस अरिहंत एक्सीडेंट से सबको को सीखना चाहिए। हालांकि भले ही इस  आर्टिकल में 2018 की द हिंदू की रिपोर्ट को अभी हाल की रिपोर्ट बता कर दिखाया गया है ।
 पर आपको एक बात जानकर काफी हैरानी होगी कि बिल्कुल इसी तरह का आर्टिकल नेशनल इंटरेस्ट में अप्रैल के महीने में भी जारी किया था जिसका टाइटल था (इंडिया डेड मेजर डैमेज टू ए न्यू $3 billion submarine by leaving a hatch open).
और अगर आप नेशन इंटरेस्ट के अप्रैल और मई महीने वाले आर्टिकल को मिलाएंगे तो आपको मालूम पड़ेगा इन दोनों में कुछ लाइंस को छोड़कर काफी जगह समानताएं हैं जैसे कि मानो अप्रैल के आर्टिकल को ही कॉपी करके मई के महीने में पेश किया गया हो और इसीलिए हम यहां पर एक अंदाजा लगा सकते हैं कि आर्टिकल को जिस ने लिखा है उसने द हिंदू की 2018 वाली रिपोर्ट को अभी हाल ही की रिपोर्ट बता कर गलती से लिख दिया है ।बाकी है इसआर्टिकल में यह बिल्कुल भी नहीं लिखा गया है
कि आई एन एस अरिहंत इंडियन नेवी की सर्विस से बाहर हो गई है । बस इसके मई वाले आर्टिकल के शुरू के लाइन मैं यह जरुर लिखा गया है, कि यदि कोई एक्सीडेंट से सबक सीखना चाहिए । क्योंकि इसके वजह से 2.9 billion डॉलर कीमत वाली भारत की पहली न्यूक्लियर पावर सबमरीन  काफी लंबे समय तक अस्थाई तरीके से सर्विस से बाहर रही है।  यानी कि यहां पर बात हुई है ,  की जब समरीन में रिपेयर का काम चल रहा था तब वह इंडियन नेवी की सर्विस में मौजूद नहीं थी तो फिर आप जानते है इस आर्टिकल में ऐसा कुछ नहीं लिखा था।  तो यह बात फिर कहां से आई शुरू हुई ।
यह बात शुरु हुई हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की वजह से क्योंकि शायद उन्होंने यह आर्टिकल को तो जरूर पढ़ा लेकिन अच्छी तरीके से नहीं पढ़ा या फिर उन्हें समझ में नहीं आया और केवल यही जानकर खुश हो रहे हैं आई एन एस अरिहंत सबमरीन डूब गई है और वह इंडियन नेवी की सर्विस से बाहर है।  और इसीलिए कहा भी जाता है कि आधे जानकारी हमेशा खतरनाक होती है ।
और बाकी पाकिस्तानी द्वारा इस बात का मजाक उड़ाया जा रहा है।  इंडियन नेवी ने हेच खुला रखने  जैसी गलती की है ।और अगर यह एक्सीडेंट हेच ओपन रखने से हुए है , तो यहां पर इंसान की गलती की बात भी आती है।  और ऐसा बिल्कुल नहीं है कि भारत ऐसा सबसे पहला देश है
 जिसमें इंसान की गलती से इतना बड़ा हादसा हुआ। ओर यह हर कोई जानता है कि बड़े से बड़े देश की मिलिट्री में भी ऐसे हादसे हुए हैं।
  क्योंकि जो मिलिट्री में काम करते हैं, वह भी इंसान ही है ।और इंसान गलतियां करता है । बाकी दुनिया में दो तरह के इंसान इंसान होते हैं,  एक गलती जो करते हैं और उससे सीखते हैं और दूसरे वो जो गलती करते हैं लेकिन उसे छुपाने की कोशिश करते करते हैं । तथा फिर बहुत बड़ी गलती करते हैं। बाकी हमारे साथ से आप समझदार हैं और समझदार को इशारा ही काफी होता है । कि पाकिस्तान अभी हाल ही में अपने फाइटर जेट की गलती को छुपा रहा था।
  और बहुत बड़ी गलती कर रहा था। जिसका सारी दुनिया को पता था।
तो दोस्तों अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इस आर्टिकल को शेयर कीजिए धन्यवाद।

When Indian Airforce Get First Apache Helicopter.

                           
   
दोस्तों 11 मई शुक्रवार 2019 को अमेरिका की बोइंग कंपनी ने इंडियन एयरफोर्स को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर हैंडओवर कर दिया है। इंडियन एयर फोर्स को दिए जाने वाला अपाचे हेलीकॉप्टर (ए एच 64 मॉडल) है।
यह हेलीकॉप्टर ट्विन इंजन मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर  हैं।
अपाचे हेलिकॉप्टर दुश्मन के 23 एमएम गन के राउंड को अपनी बॉडी पर आसानी से झैल सकता है।
इसलिए इस हेलीकॉप्टर की कोकपीट में बैठे पायलट हमेशा सुरक्षित रहते हैं।
अपाचे हेलीकॉप्टर की डील सितंबर 2015 में अमेरिका के साथ हुई थी।
जिसकी कुल कीमत 13952 करोड रुपए है ।और इसका एक हेलीकॉप्टर हमें मिल चुका है, बाकी के 21 हेलीकॉप्टर मार्च 2020 तक  मिल जाएंगे। इंडियन एयरफोर्स के कुछ चुनिंदा पायलट और ग्राउंड क्रू मेंबर को अमेरिका के यू. एस. आर्मी बेस में गहन ट्रेनिंग के लिए  भेज दिया गया है।
तो दोस्तों आइए जानते हैं अपाचे हेलीकॉप्टर के क्या-क्या फीचर है, उसमें क्या नई टेक्नोलॉजी है, कौन-कौन से घातक हथियार अपाचे हेलीकॉप्टर में डिप्लॉय कि जा सकते हैं।

(1) Apache helicopter hellfire missile से अपने टारगेट को पूरी तरह नष्ट कर सकता है ।
हेल्फायर मिसाइल 8000 मीटर से ऊपर की रेंज वाली मिसाइल है, यह एनिमी के टैंक रेजिमेंट और हार्ड मिलिट्री टारगेट को नष्ट करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है।
अपाचे हेलीकॉप्टर में सोलह हेलफायर मिसाइल को डिप्लॉय  किया जा सकता है।
(2) इस हेलीकॉप्टर में 30 एमएम एम 230 चैन गन डिप्लॉय  की जा सकती है। जो 1200 राउंड पर मिनट तक बरसा सकती है ।और दुश्मन को सांस लेने का मौका तक नहीं देती।
(3) अपाचे हेलीकॉप्टर का तीसरा गातक है, हाइड्रो 70 रॉकेट।
इस रॉकेट की डायमेंशन
width- 2.75 inch
length- 70 inch
weight - 12kg.
(4) अपाचे हेलीकॉप्टर का चोथा हथियार है (फोल्डिंग फिन एरियल रॉकेट) । यह हथियार मुख्य रूप से दुश्मन की फौज पर और सॉफ्ट टारगेट के ऊपर सटीकता से दागा जा सकता है।
           
             अपाचे हेलीकॉप्टर को इंडियन एयरफोर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कस्टमाइज किया गया है । यह हेलीकॉप्टर loc ,सियाचिन और कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में आसानी से  कम और ज्यादा ऊंचाई पर उड़ सकता है। । यह किसी भी प्रतिकूल मौसम में अपने टारगेट को सटीकता से नष्ट कर सकता है ।यह हेलीकॉप्टर मात्र जमीन से 500 feet  की ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसकी  कि यह चार ब्लेड होने की वजह से बहुत कम आवाज उत्पन्न करता है जिसे दुश्मन को बिना पता लगे उसको खत्म क्या जा सकता है।
अपाचे हेलीकॉप्टर सरजीकल स्ट्राइक के लिए एक अत्यंत घातक हथियार साबित हो सकता है।
अपाचे हेलीकॉप्टर की मदद से घुसपैठयो का पीछा करने वाली लैंड फोर्सेज को हवाई सपोर्ट प्रधान करने की लिए भी कस्टमाइज़ किया गया है।
यह  हेलीकॉप्टर अत्यंत खराब मौसम में 3 km/min. की गति से उड़ सकता है।